Sat, 01 Aug 2026
Breaking News
बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व : जगह जगह पूजन वंदन किया गया | विधायक निवास लखनऊ की सातवीं मंजिल से गिरे पूर्व मंत्री : हुई मौत आत्महत्या या हादसा पुलिस कर रही जॉच | गायक मुकेश के बारे में लेख.... : बहन की शादी में गए गानों से फिल्मी बुलंदियों तक का सफर मुकेश ने कैसे तय किया देखें | उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट : बलिया में नहर टूटी , एक्सप्रेस वे पर सड़क हुई क्षतिग्रस्त | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रत्न अवार्ड 2026 से सम्मानित हुए इंटरनेशनल जादूगर 'मिस्टर इंडिया' | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक की मौत, पिकअप के बोनट पर शव रखकर थाने पर दो घंटे किया प्रदर्शन, चालक पर मुकदमा दर्ज | शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा : लिखा पत्र, सीजेपी ने कहा काकरोच की हुई जीत | सीतापुर में सात फर्जी शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही : सेवा समाप्त कर एफ आई आर के आदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों एवं उच्च अधिकारियों ने किया निरीक्षण, किसानों को दिए महत्वपूर्ण सुझाव | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गोंडा की बेटी पलक सिंह को गोल्ड मेडल देकर कुलपति ने किया सम्मानित | बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व : जगह जगह पूजन वंदन किया गया | विधायक निवास लखनऊ की सातवीं मंजिल से गिरे पूर्व मंत्री : हुई मौत आत्महत्या या हादसा पुलिस कर रही जॉच | गायक मुकेश के बारे में लेख.... : बहन की शादी में गए गानों से फिल्मी बुलंदियों तक का सफर मुकेश ने कैसे तय किया देखें | उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट : बलिया में नहर टूटी , एक्सप्रेस वे पर सड़क हुई क्षतिग्रस्त | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रत्न अवार्ड 2026 से सम्मानित हुए इंटरनेशनल जादूगर 'मिस्टर इंडिया' | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक की मौत, पिकअप के बोनट पर शव रखकर थाने पर दो घंटे किया प्रदर्शन, चालक पर मुकदमा दर्ज | शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा : लिखा पत्र, सीजेपी ने कहा काकरोच की हुई जीत | सीतापुर में सात फर्जी शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही : सेवा समाप्त कर एफ आई आर के आदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों एवं उच्च अधिकारियों ने किया निरीक्षण, किसानों को दिए महत्वपूर्ण सुझाव | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गोंडा की बेटी पलक सिंह को गोल्ड मेडल देकर कुलपति ने किया सम्मानित | बड़े ही हर्ष उल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व : जगह जगह पूजन वंदन किया गया | विधायक निवास लखनऊ की सातवीं मंजिल से गिरे पूर्व मंत्री : हुई मौत आत्महत्या या हादसा पुलिस कर रही जॉच | गायक मुकेश के बारे में लेख.... : बहन की शादी में गए गानों से फिल्मी बुलंदियों तक का सफर मुकेश ने कैसे तय किया देखें | उत्तर प्रदेश में बारिश का अलर्ट : बलिया में नहर टूटी , एक्सप्रेस वे पर सड़क हुई क्षतिग्रस्त | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रत्न अवार्ड 2026 से सम्मानित हुए इंटरनेशनल जादूगर 'मिस्टर इंडिया' | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से युवक की मौत, पिकअप के बोनट पर शव रखकर थाने पर दो घंटे किया प्रदर्शन, चालक पर मुकदमा दर्ज | शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा : लिखा पत्र, सीजेपी ने कहा काकरोच की हुई जीत | सीतापुर में सात फर्जी शिक्षकों पर कड़ी कार्यवाही : सेवा समाप्त कर एफ आई आर के आदेश | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : धान की सीधी बुवाई वाले खेतों का वैज्ञानिकों एवं उच्च अधिकारियों ने किया निरीक्षण, किसानों को दिए महत्वपूर्ण सुझाव | परसपुर/करनैलगंज/ गोंडा : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में गोंडा की बेटी पलक सिंह को गोल्ड मेडल देकर कुलपति ने किया सम्मानित |

: स्पेस स्टेशन से किसी भी वक्त टकरा सकता है भारी-भरकम मलबा, आप पर होगा सीधा असर!

आर के पाण्डेय एडिटर इन चीफ बैज़लपुर उत्तर प्रदेश / Wed, Nov 17, 2021 / Post views : 108

Share:

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA का कहना है कि वो सेटेलाइ के मलबे पर नजर रखेगी और अगर इसके इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से टकराने का खतरा हुआ तो अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस आने के लिए कह दिया जाएगा.

पृथ्वी के प्रदूषण से तो हम सब परेशान हैं लेकिन अब अंतरिक्ष भी प्रदूषण का शिकार बन गया है. अंतरिक्ष में इस समय मलबे के 27 हजार से ज्यादा टुकड़े घूम रहे हैं और ये टुकड़े कभी भी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) और अंतरिक्ष में मौजूद सेटेलाइट से टकरा सकते हैं. अंतरिक्ष के इस प्रदूषण में सोमवार को मलबे के 1500 नए टुकड़े तब जुड़ गए जब रूस ने अपनी एंटी सेटेलाइट मिसाइल से अपने ही एक पुराने सेटेलाइट को मार गिराया. इसके बाद रूस के सेटेलाइट से निकले मलबे के हजारों टुकड़े इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के आस-पास घूमने लगे और इनके ISS से टकराने का खतरा पैदा हो गया. 

स्थिति ये हो गई कि ISS पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेस स्टेशन खाली करना पड़ा और इन सबने ISS से जुड़े हुए स्पेस क्राफ्ट्स में शरण ले ली. इन अंतरिक्ष यात्रियों से कहा गया कि नष्ट किए गए सेटेलाइट के टुकड़े स्पेस स्टेशन से टकरा सकते हैं और अगर ऐसा होता है तो इन्हें अपना मिशन बीच में ही छोड़कर पृथ्वी पर वापस आना होगा. 2 घंटे बाद जब ये मलबा स्पेस स्टेशन से दूर हुआ तब अंतरिक्ष यात्री वापस ISS में दाखिल हुए. 

खतरा अभी टला नहीं

अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने कहा है कि वो सेटेलाइ के इन टुकड़ों पर नजर रखेगी और अगर इसके ISS से टकराने का खतरा हुआ तो अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर वापस आने के लिए कह दिया जाएगा. एक हफ्ता पहले भी चीन द्वारा नष्ट किए गए एक सेटेलाइट के ISS से टकराने की आशंका थी, जिसके बाद पूरे के पूरे स्पेस स्टेशन को ही उसकी जगह से करीब सवा किलोमीटर दूर खिसकाना पड़ा था. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पृथ्वी से 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर है. लेकिन इतना दूर होने के बावजूद आज ये स्पेस स्टेशन भी प्रदूषण से परेशान है. 
रूस पर भड़का अमेरिका 

रूस द्वारा एंटी सेटेलाइट मिसाइल लॉन्च किए जाने पर अब अमेरिका ने कड़ा एतराज जताया है और कहा है कि रूस ने इस बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी थी. 

एंटी-सेटेलाइट वेपन क्या है? 

रूस ने जिस हथियार से अपने उपग्रह को नष्ट किया उसे एंटी-सेटेलाइट वेपन कहते हैं जिन्हें अंतरिक्ष में मौजूद सेटेलाइट्स को नष्ट करने के लिए पृथ्वी से लॉन्च किया जाता है. माना जाता है कि दुनिया के कई देशों के पास ये टेक्नोलॉजी है लेकिन सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन और भारत ही अभी तक इसका सफल परीक्षण कर पाए हैं.

युद्ध की परिभाषा बदल देंगे एंटी-सेटेलाइट वेपन्स

भारत ने 27 मार्च 2019 को एक ऐसी ही मिसाइल से पृथ्वी से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर मौजूद अपने एक निष्क्रिय हो चुके सेटेलाइट को मार गिराया था. 
एंटी-सेटेलाइट वेपन्स पारंपरिक युद्ध की परिभाषा को पूरी तरह से बदल सकते हैं, क्योंकि आज के जमाने में दुश्मन देश को घुटनों पर लाने के लिए महंगे लड़ाकू विमानों, पनजुब्बियों और युद्धपोतों से हमले करने की जरूरत नहीं है बल्कि ये काम अंतरिक्ष में मौजूद सेटेलाइट्स को नष्ट करके कुछ ही सेकेंड्स में किया जा सकता है.

अंतरिक्ष में एक युद्ध छिड़ा तो क्या होगा? 

कल्पना कीजिए कि इस समय अंतरिक्ष में एक युद्ध छिड़ गया है और दुश्मन देश एक दूसरे के उपग्रहों पर मिसाइलों से हमला कर रहे हैं तो क्या होगा. तो ये होगा कि सभी DTH काम करना बंद कर देंगे, आपका इंटरनेट भी काम नहीं करेंगे,  GPS सिस्टम बंद हो जाएगा, हवा में उड़ रहे विमान अपना रास्ता भटक जाएंगे, पानी के जहाजों को भी रास्ता नहीं मिलेगा, दुनियाभर की अर्थव्यवस्था एक झटके में रुक जाएगी, आप किसी भी प्रकार की ऑनलाइन पेमेंट नहीं कर पाएंगे, ATM और बैंक काम करना बंद कर देंगे. पूरी दुनिया की संचार व्यवस्था ठप हो जाएगी, सेनाओं का   इंटेलिजेंस, नेविगेशन, कम्युनिकेशन सिस्टम भी बंद हो जाएगा और जमीन हवा या पानी के रास्ते दुश्मन को जवाब देना संभव नहीं होगा. इसके अलावा मौसम की भविष्यवाणी ही नहीं हो पाएगी जिसके अभाव में बड़े पैमाने पर फसलें तबाह हो जाएंगी और पूरी दुनिया में अकाल और सूखे की नौबत आ जाएगी.

ये एक ऐसा युद्ध होगा जो सिर्फ कुछ मिनटों से कुछ घंटों तक चलेगा, इसमें बड़ी संख्या में आम लोगों की जान तो नहीं जाएगी लेकिन आपका जीवन 200 साल पुराने दौर में पहुंच जाएगा और देश बर्बाद होने लगेंगे.

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें